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दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का निधन


नई दिल्ली.कांग्रेस की वरिष्ठ नेता शीला दीक्षित का शनिवार दोपहर को निधन हो गया। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें राजधानी के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे 81 साल की थी। शीला दीक्षित 15 साल तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं, फिलहालदिल्ली कांग्रेस की अध्यक्ष थीं।

शीला दीक्षित का जन्म 31 मार्च 1938 को पंजाब के कपूरथला में हुआ था। वे दिल्ली की तीन बार मुख्यमंत्री भी रहीं। 2014 में उन्हें केरल का राज्यपाल बनाया गया था। हालांकि, उन्होेंने 25 अगस्त 2014 को इस्तीफा दे दिया था। वे इस साल उत्‍तर-पूर्व दिल्‍ली से लोकसभा चुनाव लड़ीं थीं। हालांकि, उन्हें भाजपा के मनोज तिवारी के सामने हार का सामना करना पड़ा था। शीला 1984 से 1989 तक कन्नोज लोकसभा सीट से सांसद रहीं। 1986–1989 तक वे केंद्रीय मंत्री भी रहीं। दीक्षित 1998 से 2013 तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं।



शीला दीक्षित की तबियत कुछ वक्त से ठीक नहीं थी। उन्होंने दिल्ली के एस्कार्ट अस्पताल में अंतिम सांस ली। मौजूदा वक्त में उनके पास कांग्रेस के दिल्ली अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी थी। हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनावों में वो उत्तर पूर्वी दिल्ली से चुनाव भी लड़ीं थी, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली

शीला दीक्षित का नाम कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में शामिल था। वो 15 सालों तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं। शीला दीक्षित की सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे लेकिन उनके विरोधी भी वर्तमान दिल्ली के निर्माण में उनकी भूमिका को सराहते हैं। शीला दीक्षित के निधन पर पूरे देश के नेता उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

दीक्षित 1984 में पहली बार बनी थीं सांसद शीला दीक्षित ने पहली बार 1984 में कन्नौज सीट से चुनाव लड़ा था। यहां उन्होंने सपा के छोटे सिंह यादव को हराया था। 1984 से 1989 तक सांसद रहने के दौरान वे यूनाइटेड नेशंस कमीशन ऑन स्टेटस ऑफ वीमेन में भारत की प्रतिनिधि रह चुकी हैं। इसके बाद 1998 में वे नई दिल्ली की मुख्यमंत्री बनीं और 2013 तक इस पद पर रहीं।

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